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मृत पौधा

आप क्या देख रहे हैं: पत्तियाँ पूरी तरह भूरी/काली, तने सूखे/खोखले, नई कोंपलें नहीं निकल रहीं। गमला उठाने पर बहुत हल्का लगता है या मिट्टी लगातार गीली रहकर दुर्गंध दे रही है।
यह क्या है (विवरण): पौधे के ऊतक अब सक्रिय नहीं हैं—अक्सर जड़ों के सड़ने/सूखने, तनों के मरने या तेज़ ताप/ठंड/रोशनी-तनाव से जीवन-चक्र रुक गया है।
समस्या या प्राकृतिक? वास्तविक समस्या; पुनर्जीवन तभी सम्भव है जब कुछ भाग अभी जीवित हों।

कैसे पक्का करें:

  • स्क्रैच टेस्ट: पतले तने की बाहरी परत हल्का खुरचें—अंदर हरा/नरम = जीवित; भूरा/सूखा = मृत।
  • जड़ों की जाँच: सफ़ेद/क्रीम व दृढ़ = स्वस्थ; भूरे/मुलायम/दुर्गंध = सड़न।
  • तने को काटकर देखें—अंदर हरापन न हो तो ऊतक मृत हैं।

क्या करें (स्टेप-बाय-स्टेप):

1) शीर्ष से नीचे तक सूखे हिस्से हटाते हुए हरे ऊतक तक काटें; सिर्फ़ स्वस्थ भाग रखें।
2) सड़ी जड़ें साफ़ करें; साफ़ कैंची, दालचीनी/फफूँदनाशी का हल्का प्रयोग।
3) हवादार, जलनिकासी-वाला माध्यम और छेददार गमला दें।
4) 2–3 हफ्ते तेज़ परोक्ष रोशनी, हल्की सिंचाई; खाद न दें।
5) नई कोंपलें/जड़ें न दिखें तो शांति से स्वीकार करें; गमला/मिट्टी को साफ़ कर दोबारा उपयोग करें।

रोकथाम: सही ड्रेनेज, “ऊपरी 2–3 सेमी सूखी हो तब पानी”, मौसम के साथ रोशनी/पानी समायोजित, प्रतिरोपण में जड़ों को कम चोट।
कब मदद लें: बहुत मूल्यवान पौधा हो, या बार-बार यही स्थिति बन रही हो।

छवियां

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