जड़ को क्षति
आप क्या देख रहे हैं: पर्याप्त नमी के बावजूद मुरझाना/रुकना; री-पॉट पर जड़ें काली/मुलायम (सड़न) या बहुत कसी/घूमती (रूट-बाउंड)।
यह क्या है (विवरण): जड़ों की संरचनात्मक/रोगजन्य क्षति से पानी-पोषक अवशोषण बाधित।
कैसे पक्का करें:
- पौधा गमले से निकालकर जड़ों को देखें: स्वस्थ = सफ़ेद/क्रीम/दृढ़; सड़ी = काली/चिपचिपी/दुर्गंध।
क्या करें:
1) सड़न हो तो काली जड़ें हटाएँ; स्वच्छ औज़ार और फफूँद-रोधी पाउडर।
2) रूट-बाउंड हो तो घूमती जड़ों को हल्का खोलें/ट्रिम करें।
3) नया माध्यम हवादार और प्रजाति-अनुरूप; बहुत बड़ा गमला न लें।
4) 1–2 सप्ताह तेज़ परोक्ष रोशनी, पानी संयमित; फिर सामान्य शेड्यूल।
रोकथाम: समय पर री-पॉट (आमतौर पर 1–2 वर्ष), सही ड्रेनेज, अधिक पानी से बचें, संतुलित खाद।
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